” शास्त्रों में लिखे होने से कुछ कैसे सत्य हो जायेगा? “

” शास्त्रों में लिखे होने से कुछ कैसे सत्य हो जायेगा? सत्य का शास्त्रों से क्या सम्बन्ध? असल में सभी शास्त्रों की आड़ में तुम सत्य की खोज से बचाना चाहते हो, बुद्ध के पास लोग जाते और कहते कि वेदों में तो ऐसा लिखा है और आप कुछ और ही कहते हैं
तो बुद्ध उनसे कहते की तुम अपने वेदों में संशोधन कर लो, वे लोग बुद्ध पर नाराज हो जाते बुद्ध केदुश्मन हो जाते, कैसे अंधे लोग हैं जीवित शास्त्रा मौजूद है और तुम उनके पास मृत शास्त्रों की दुहाई दे रहो हो, जिनसे शास्त्रों का जन्म होता है वह जीवित शास्त्रा मौजूद है पर नहींजीवित शास्त्रा खतरनाक है वह तुम्हे अपने अर्थ न करने देगा, शास्त्रों के साथ तुम्हे बड़ी सुविधा है तुम जो चाहो उनसे अपनेकाम के अर्थ निकाल सकते हो, शास्त्र बेचारे तुम्हे अपने अर्थ करने से कैसे रोक सकते हैं, सतगुरु तुम्हे तुम्हारे अर्थ न करने देगा, वह तुम्हे झकजोरेगा, हजार तरीकों से तुम पर चोंट करेगा | इसलिए लोग जीवित शास्त्रा, जीवित सतगुरु से बचते हैं, बल्कि हर तरीके से उसे नष्ट करने की चेष्टा करते है|
एक बार सतगुरु मर जाये फिर तुम मजे से उसकी पूजा कर सकते हो लोग सदियों से यही करते आये हैं, जीवित बुद्ध पर पत्थर फेंके गए उन पर पागल हांथी छोड़ा गया, महावीर को लोगो ने गाँव – गाँव पत्थर मरकर भगाया उनके कानो में कीलें ठोक दी, जीसस को सूली पर लटकाया, सुकरात को जहर दिया, मंसूर के हाँथ-पैर काट डाले, यंहा लोग हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि मुझे बोलने ही न दिया जाये मेरे आश्रम न बन पाए, मै वर्षों तक भारत के गाँव-गाँव घूमकर लोगो को समझाता रहा, मुझ परचप्पल फेके गए, पत्थर फेके गए, छुरे फेके गए, मेरी हत्या के लिए गुंडे भिजवाये गए, इतनी घबराहट क्या है?
मैंने सभी धर्मों के ठेकेदारों और राजनीतिज्ञों को चुनौती दी किमै खुले मंच पर किसी भी विषय पर बहस के लिए तैयार हूँ, पर उनमे सेकोई भी तैयार नहीं है| बात साफ़ हैमेरी बातों का उनके पास कोई जवाबनहीं है, और वे कहते है कि मै उनके धर्म को नष्ट कर रहा हूँ, उनकी नैतिकता को नष्ट कर रहा हूँ,युवकों को भटका रहा हूँ, मै कहता हूँ अगर एक व्यक्ति तुम्हारे हजारों वर्षों के धर्म और नैतिकता को नष्ट कर सकता है तो उसमे बचाने योग्य कुछ भी नहीं हैउसे नष्ट हो ही जाना चाहिए| मै तुमसे वही कह रहा हूँ जो पूर्णतःमेरा अपना अनुभव है, अपने अनुभव के अतिरिक्त मुझे किसी बात पर भरोसा नहीं है…. और मै कोई समझौता नहीं करूँगा किसी भी कारणसे नहीं…… ”
ஜ۩۞۩ஜ ॐॐॐ ओशो ॐॐॐ ஜ۩۞۩ஜ

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